हर वर्ष 18 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय नेल्सन मंडेला दिवस मनाया जाता है। यह दिन नेल्सन मंडेला की जयंती के रूप में विश्वभर में मनाया जाता है और इसका उद्देश्य उनके द्वारा किए गए मानवाधिकारों, स्वतंत्रता, शांति और सामाजिक न्याय के कार्यों को याद करना होता है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा 2009 में इस दिन को मान्यता दी गई थी।
अंतरराष्ट्रीय नेल्सन मंडेला दिवस हर वर्ष 18 जुलाई को मनाया जाता है, जो दक्षिण अफ्रीका के महान स्वतंत्रता सेनानी, पूर्व राष्ट्रपति और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता नेल्सन मंडेला की जयंती है। यह दिवस दुनिया भर के नागरिकों को मानवता, समानता, सामाजिक न्याय, और शांति के लिए अपने प्रयासों को समर्पित करने की प्रेरणा देता है।
संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 2009 में नेल्सन मंडेला की 91वीं जयंती के अवसर पर इस दिन को "अंतरराष्ट्रीय नेल्सन मंडेला दिवस" के रूप में घोषित किया। पहली बार यह दिन 2010 में आधिकारिक रूप से मनाया गया। इसका उद्देश्य केवल मंडेला की उपलब्धियों को याद करना नहीं, बल्कि उनकी शिक्षाओं और मूल्यों को अपनाकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना है।
मंडेला ने लगभग 27 वर्ष जेल में बिताए, क्योंकि उन्होंने रंगभेद (अपार्थेड) के खिलाफ आवाज उठाई थी। जेल से रिहा होने के बाद वे दक्षिण अफ्रीका के पहले अश्वेत राष्ट्रपति बने और उन्होंने देश को सामाजिक समानता, सुलह और राष्ट्रीय एकता की दिशा में अग्रसर किया।
नेल्सन मंडेला दिवस पर विश्वभर में विभिन्न सेवाभाव से जुड़ी गतिविधियाँ आयोजित की जाती हैं जैसे – गरीबों को भोजन वितरण, शिक्षा कार्यक्रम, रक्तदान शिविर, पर्यावरण सफाई आदि। संयुक्त राष्ट्र ने लोगों से आह्वान किया कि वे कम से कम 67 मिनट समाज सेवा में बिताएं – जो कि मंडेला के सामाजिक सेवा में बिताए 67 वर्षों का प्रतीक है।
यह दिन खासतौर से युवाओं को प्रेरित करता है कि वे सामाजिक न्याय के लिए आवाज उठाएं, हिंसा का विरोध करें और दुनिया को अधिक न्यायपूर्ण एवं समान बनाएँ। इस दिन को मनाने का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नेल्सन मंडेला की विरासत केवल अतीत में सीमित न रहे, बल्कि वर्तमान और भविष्य में भी मानवता के मार्गदर्शक सिद्धांतों को बल दे।
नेल्सन मंडेला फाउंडेशन भी इस दिन कई कार्यक्रम आयोजित करता है और यह दिन "एक बेहतर विश्व के निर्माण की दिशा में कदम उठाने" का प्रतीक बन चुका है।