केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने नई दिल्ली स्थित CSIR-IGIB परिसर में भारत के पहले ‘नेशनल बायोबैंक’ का उद्घाटन किया। यह बायोबैंक जैविक नमूनों के संग्रह, संरक्षण और अनुसंधान के लिए एक राष्ट्रीय संसाधन केंद्र के रूप में कार्य करेगा। इसका उद्देश्य स्वास्थ्य अनुसंधान को सशक्त बनाना और भविष्य की महामारियों से निपटने में देश की तैयारियों को मजबूत करना है।
भारत सरकार ने चिकित्सा अनुसंधान एवं जैव-प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए देश के पहले ‘नेशनल बायोबैंक’ (National Biobank) की स्थापना की है। इसका उद्घाटन केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह द्वारा नई दिल्ली में CSIR-IGIB (Institute of Genomics and Integrative Biology) के परिसर में किया गया।
यह बायोबैंक विशेष रूप से जैविक नमूनों जैसे – रक्त, ऊतक, डीएनए, प्लाज्मा, सीरम आदि के दीर्घकालिक भंडारण और प्रबंधन के लिए स्थापित किया गया है। इसका प्रमुख उद्देश्य है:
महामारी और अन्य जटिल बीमारियों पर गहन अनुसंधान करना,
चिकित्सा नवाचार को प्रोत्साहित करना,
और भविष्य की स्वास्थ्य आपात स्थितियों में तेजी से समाधान उपलब्ध कराना।
यह पहल देश को परिषद वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान (CSIR) और जैव प्रौद्योगिकी विभाग (DBT) जैसे संगठनों की शोध क्षमता से जोड़ती है। बायोबैंक में सुरक्षित रखे गए नमूने डेटा सुरक्षा, नैतिक शोध दिशानिर्देश, और अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन करते हुए अनुसंधानकर्ताओं को उपलब्ध कराए जाएंगे।
नेशनल बायोबैंक न केवल वैज्ञानिक समुदाय को उन्नत अनुसंधान की सुविधा देगा, बल्कि यह फार्मा कंपनियों, जैव तकनीकी स्टार्टअप्स और सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों के लिए भी एक साझा मंच होगा।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने उद्घाटन के अवसर पर कहा कि यह बायोबैंक “आत्मनिर्भर भारत” और “विज्ञान आधारित नीति निर्माण” की दिशा में एक ठोस प्रयास है, जो भारतीय चिकित्सा प्रणाली को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएगा।
उद्घाटनकर्ता: डॉ. जितेंद्र सिंह (केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री)
स्थल: नई दिल्ली, CSIR-IGIB (Institute of Genomics and Integrative Biology)
स्थापना वर्ष: 2024
मुख्य उद्देश्य: जैविक नमूनों का संग्रह, संरक्षण और अनुसंधान
प्रमुख संगठन: CSIR, DBT (Department of Biotechnology)
मुख्यालय: IGIB, मथुरा रोड, नई दिल्ली
नेतृत्व में सहयोगी संस्थाएं: ICMR, DBT, BIRAC