भारत ने अपनी पहली स्वदेशी सेमीकंडक्टर चिप्स पर आधारित दूरसंचार प्रणाली को टेलीकॉम इंजीनियरिंग सेंटर (TEC) का प्रमाणन प्राप्त किया है। यह प्रणाली ‘मेक इन इंडिया’ पहल और तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
भारत के तकनीकी क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए पहली स्वदेशी सेमीकंडक्टर चिप्स आधारित दूरसंचार प्रणाली को टेलीकॉम इंजीनियरिंग सेंटर (TEC) द्वारा प्रमाणपत्र प्रदान किया गया है। यह बड़ी उपलब्धि केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा सार्वजनिक की गई और इसे सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए मील का पत्थर माना जा रहा है।
सेमीकंडक्टर चिप्स, डिजिटल युग में स्मार्टफोन, कंप्यूटर, राउटर, ऑटोमोबाइल, सैटेलाइट जैसी अत्याधुनिक प्रणालियों का आधार हैं। अब तक भारत इस क्षेत्र में मुख्यतः आयात पर निर्भर था; परंतु वर्तमान पहल ने देश को स्वदेशी डिज़ाइन, असेंबली, परीक्षण और एकीकरण की दिशा में सशक्त बनाया। टीईसी प्रमाणन प्रमाणित करता है कि नई प्रणाली ने कड़े गुणवत्ता एवं प्रदर्शन मानकों को हासिल किया है, जो ‘मेक इन इंडिया’ के विजन को साकार करने की दिशा में मजबूत आधार देता है।
सरकार ने हाल के वर्षों में सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को विकसित करने के लिए कई योजनाएं और निवेश किए हैं, जिनका उद्देश्य वर्ष 2030 तक वैश्विक सेमीकंडक्टर मार्केट का 8-10% हिस्सा प्राप्त करना है। यह उपलब्धि देश में सेमीकंडक्टर उत्पादन के लिए विदेशी निवेश आकर्षित करने और आयात पर निर्भरता कम करने के लिए रणनीतिक दृष्टि से भी उपयोगी है। वर्तमान में प्रमुख देश, जैसे ताइवान, दक्षिण कोरिया, अमेरिका, चिप निर्माण में अग्रणी हैं और वैश्विक आपूर्ति शृंखला में भारत की भूमिका बढ़ाने के लिए यह प्रमाणन एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस स्वदेशी चिप आधारित प्रणाली के प्रमाणन से दूरसंचार क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा, देश में नई तकनीकियों का विस्तार होगा और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। साथ ही, इसके तहत स्थानीय कंपनियों को प्रतिस्पर्धी बनने की शक्ति मिलेगी और वैश्विक स्तर पर भारत की स्थिति मजबूत होगी। यह पहल सरकार की डिजिटल भारत, मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत अभियानों के लक्ष्यों के अनुरूप है।