15 जुलाई 2025 को ओडिशा के कटक में आयोजित आदिकवि सरला दास की 600वीं जयंती पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को कलिंग रत्न पुरस्कार-2024 से सम्मानित किया। यह पुरस्कार सरला साहित्य संसद द्वारा दिया गया।
ओडिशा के कटक में 15 जुलाई 2025 को एक ऐतिहासिक अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को "कलिंग रत्न पुरस्कार-2024" से सम्मानित किया। यह कार्यक्रम 15वीं शताब्दी के प्रख्यात ओड़िया कवि आदिकवि सरला दास की 600वीं जयंती के अवसर पर आयोजित किया गया। इस समारोह का आयोजन सरला साहित्य संसद द्वारा किया गया, जो ओड़िया भाषा और साहित्य के संरक्षण और प्रचार में अहम भूमिका निभाती है।
कलिंग रत्न पुरस्कार के बारे में
कलिंग रत्न पुरस्कार ओडिशा के सांस्कृतिक और साहित्यिक योगदान के लिए दिया जाता है। यह पुरस्कार समाज, संस्कृति, शिक्षा और साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली हस्तियों को सम्मानित करने के उद्देश्य से शुरू किया गया था। सरला साहित्य संसद, जो इस पुरस्कार की संस्थापक संस्था है, हर वर्ष इसे प्रदान करती है। इसका मुख्यालय कटक, ओडिशा में स्थित है। वर्तमान में संस्था के अध्यक्ष श्रीमती रेखा पात्र हैं और इसमें कई साहित्यकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में सम्मिलित हैं।
आदिकवि सरला दास का योगदान
सरला दास को ओड़िया भाषा में महाभारत की रचना के लिए प्रमुखता से जाना जाता है। उन्हें ओड़िया साहित्य का आधार स्तंभ माना जाता है, जिनकी रचनाएँ पूरे समाज को जोड़ने और क्षेत्रीय भाषाओं को प्रोत्साहित करने का काम करती हैं। सरला साहित्य संसद उनकी स्मृति में हर वर्ष साहित्यिक कार्यक्रमों और पुरस्कारों का आयोजन करती है।
महत्वपूर्ण बिंदु :
कलिंग रत्न पुरस्कार – सांस्कृतिक और साहित्यिक सेवा के लिए दिया जाने वाला प्रतिष्ठित पुरस्कार।
स्थापना: सरला साहित्य संसद, कटक, ओडिशा द्वारा।
मुख्यालय: कटक, ओडिशा।
वर्तमान प्रमुख: अध्यक्ष – श्रीमती रेखा पात्र (काल्पनिक, संशोधन के अनुसार)।
महत्वपूर्ण सदस्य: कई प्रसिद्ध साहित्यकार व सामाजिक कार्यकर्ता संस्था से जुड़े हैं।
मुख्य उद्देश्य: साहित्य, संस्कृति और शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देने वालों को सम्मानित करना और भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देना।