विश्व खाद्य दिवस – खाद्य सुरक्षा और पोषण का वैश्विक संदेश

विश्व खाद्य दिवस हर वर्ष 16 अक्टूबर को मनाया जाता है, जो संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) की स्थापना की याद में है। यह दिवस भूख, कुपोषण और खाद्य सुरक्षा के मुद्दों पर वैश्विक जागरूकता पैदा करता है। 

विश्व खाद्य दिवस (World Food Day) प्रतिवर्ष 16 अक्टूबर को मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य विश्व में खाद्य सुरक्षा, पोषण तथा टिकाऊ कृषि पद्धतियों के महत्व को उजागर करना है। इस दिवस की शुरुआत 1945 में संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) की स्थापना के उपलक्ष्य में हुई। विश्व के लगभग 150 से अधिक देशों में इसे विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से मनाया जाता है ताकि भूख और कुपोषण जैसी वैश्विक समस्याओं के खिलाफ संघर्ष को प्रोत्साहित किया जा सके।

यह दिवस हमें याद दिलाता है कि भोजन न केवल जीवन का आधार है, बल्कि हर व्यक्ति का मौलिक अधिकार भी। विश्व में आज भी करोड़ों लोग भूख और कुपोषण की चपेट में हैं, और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना सभी सरकारों, संगठनों और नागरिकों की जिम्मेदारी है।

2025 की थीम, "साथ मिलकर बेहतर भोजन और बेहतर भविष्य" (Together for better food and better future), वैश्विक स्तर पर सहयोग की आवश्यकता पर जोर देती है। यह संदेश देती है कि टिकाऊ कृषि प्रणालियां, विज्ञान और नवाचार के माध्यम से सभी को पर्याप्त, पौष्टिक और सुरक्षित भोजन उपलब्ध करवाना संभव है।

जलवायु परिवर्तन, खाद्य बर्बादी, जल संकट और असमानता जैसी चुनौतियां खाद्य सुरक्षा को प्रभावित करती हैं। इसलिए, सभी देशों को एक साथ मिलकर समाधान खोजने, संसाधनों का न्यायसंगत वितरण सुनिश्चित करने और स्वस्थ खाद्य प्रणालियों का विकास करने की जरूरत है।

भारत में भी यह दिवस खास महत्व रखता है क्योंकि यहाँ बड़ी आबादी कृषि पर निर्भर है और खाद्य सुरक्षा की चुनौतियाँ अभी भी व्यापक हैं। भारत सरकार ने कई योजनाएं चलाई हैं, जैसे राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) ताकि हर जरूरतमंद तक पोषण पहुंच सके।

छोटे किसान, टिकाऊ कृषि पद्धतियाँ और स्थानीय खाद्य प्रणालियों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ ही भारत ने "अंतर्राष्ट्रीय मोटा अनाज वर्ष" (International Year of Millets) के रूप में 2023 मनाया था, जो पोषण सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम था।

विश्व खाद्य दिवस हमें प्रेरित करता है कि हम भोजन की बर्बादी को कम करें, आवश्यकता से अधिक भोजन न लें, पौष्टिक आहार को प्राथमिकता दें, और स्थानीय स्तर पर किसानों का समर्थन करें। ऐसे छोटे-छोटे कदम संग्रहित होकर एक बड़ा बदलाव ला सकते हैं।

समाज, सरकारें, संगठन और अंतरराष्ट्रीय समुदाय मिलकर इस वैश्विक समस्या का स्थायी समाधान ढूंढने के प्रयासों में जुटे हैं ताकि हम सबका भविष्य सुरक्षित और स्वस्थ रह सके। इस प्रकार, विश्व खाद्य दिवस केवल एक दिन नहीं बल्कि निरंतर संकल्प और कार्य की याद दिलाने वाला दिन है।


महत्वपूर्ण बिंदु

  • विश्व खाद्य दिवस प्रतिवर्ष 16 अक्टूबर को मनाया जाता है।

  • यह FAO की स्थापना की याद में है, जो 1945 में स्थापित हुआ था।

  • 150 से अधिक देशों में यह दिवस मनाया जाता है।

  • 2025 की थीम है: "साथ मिलकर बेहतर भोजन और बेहतर भविष्य"।

  • उद्देश्य: विश्व में भूख, कुपोषण और खाद्य असुरक्षा के खिलाफ जागरूकता बढ़ाना।

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