विश्व बैंक द्वारा जारी गिनी इंडेक्स (Gini Index) 2024 में भारत को विश्व का चौथा सबसे समान (Equal) समाज घोषित किया गया है। इस सूचकांक के माध्यम से विभिन्न देशों में आय असमानता को मापा जाता है।
गिनी इंडेक्स (Gini Index), जिसे गिनी गुणांक भी कहा जाता है, वैश्विक स्तर पर आय असमानता को मापने वाला एक प्रमुख संकेतक है। विश्व बैंक (World Bank) द्वारा वर्ष 2024 में जारी नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार भारत को दुनिया का चौथा सबसे समान समाज (4th Most Equal Society) के रूप में रैंक किया गया है। यह भारत के लिए एक महत्वपूर्ण सामाजिक-आर्थिक उपलब्धि है।
गिनी इंडेक्स में 0 से 1 के बीच मान होता है — जहां 0 पूर्ण समानता (हर व्यक्ति की आय समान) और 1 पूर्ण असमानता को दर्शाता है। भारत का गिनी स्कोर 0.249 दर्ज किया गया है, जो यह दर्शाता है कि देश में आय का वितरण अपेक्षाकृत समान है। इस रैंकिंग में भारत से ऊपर केवल नॉर्वे, जापान और फिनलैंड हैं।
इस उपलब्धि के पीछे भारत सरकार की कई योजनाओं और नीतियों का योगदान रहा है, जैसे:
जनधन योजना, जिसने करोड़ों गरीबों को बैंकिंग तंत्र से जोड़ा,
PM-KISAN, जिसने किसानों को प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता प्रदान की,
मनरेगा, जिसने ग्रामीण क्षेत्रों में आय सृजन किया,
और उज्ज्वला योजना, जिससे महिलाओं को रसोई गैस की सुविधा मिली।
इन योजनाओं ने न केवल गरीब और निम्न वर्ग तक संसाधनों की पहुंच सुनिश्चित की, बल्कि सामाजिक न्याय और समानता को भी मजबूत किया।
इसके साथ ही डिजिटल इंडिया, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) और आधार कार्ड जैसी तकनीकी पहलों ने सरकारी सहायता को सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाने में पारदर्शिता और समानता को बढ़ावा दिया।
विश्व बैंक ने भारत के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि देश ने आर्थिक प्रगति के साथ-साथ सामाजिक समानता सुनिश्चित करने में संतुलन बनाए रखा है।
रिपोर्ट जारी करने वाली संस्था: विश्व बैंक (World Bank)
रिपोर्ट का नाम: गिनी इंडेक्स रिपोर्ट 2024
भारत की रैंकिंग: विश्व में 4वां सबसे समान समाज
भारत का गिनी स्कोर: 0.249
शीर्ष 3 देश: नॉर्वे, जापान, फिनलैंड
विश्व बैंक मुख्यालय: वाशिंगटन डी.सी., अमेरिका
स्थापना वर्ष (World Bank): 1944
वर्तमान अध्यक्ष (2025): अजय बंगा