विश्व सूनामी जागरूकता दिवस (World Tsunami Awareness Day) – 5 नवम्बर

विश्व सूनामी जागरूकता दिवस हर साल 5 नवम्बर को मनाया जाता है। इस दिवस का उद्देश्य सूनामी जैसी प्राकृतिक आपदाओं से बचाव और तैयारी के महत्व के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना है। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने दिसंबर 2015 में इस दिन की घोषणा की थी। जापान में सूनामी से प्रभावित क्षेत्रों के अनुभवों से प्रेरित होकर यह दिवस निर्धारित किया गया। इस दिन विभिन्न देशों में सूनामी चेतावनी प्रणाली को मजबूत करने, आपदा प्रबंधन में सहयोग बढ़ाने और जनता को सुरक्षा उपायों के प्रशिक्षण देने पर विशेष ध्यान दिया जाता है।

विश्व सुनामी जागरूकता दिवस (World Tsunami Awareness Day) हर साल 5 नवंबर को मनाया जाता है। यह दिन सुनामी के खतरों के प्रति जागरूकता बढ़ाने, सुनामी से बचाव के उपायों को समझाने और प्राकृतिक आपदाओं के प्रति तैयार रहने के लिए समर्पित है। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने दिसंबर 2015 में इसे आधिकारिक रूप से स्थापित किया था ताकि विश्व भर में सुनामी के प्रभावों को कम करने और लोगों को सुरक्षित रहने के लिए तैयार करने के महत्व को रेखांकित किया जा सके ।

विश्व सुनामी जागरूकता दिवस का महत्व और इतिहास

इस दिवस का चयन जापान के एक ऐतिहासिक एवं प्रेरणादायक घटना से जुड़ा है, जिसे "इनामुरा-नो-ही" या "चावल के गठानों में आग" कहा जाता है। 5 नवंबर 1854 को, जापान में एक भूकंप के बाद सुनामी आ रही थी। उस समय के स्थानीय किसान हामागुची गोऱियो ने अपने गांव को बचाने के लिए अपने बहुमूल्य चावल के गठानों को आग लगा दी, ताकि गांव के लोग आग को देखकर उच्च स्थान पर सुरक्षित स्थान पर पहुँच सकें। इस साहसिक और दूरदर्शी कदम ने अनगिनत लोगों की जान बचाई और यह घटना सुनामी preparedness और जागरूकता का एक प्रतीक बन गई ।

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 22 दिसंबर 2015 को इस दिन को स्थापित करते समय इस घटना को ध्यान में रखते हुए 5 नवंबर को एक "आगे देखने" और सतर्क रहने वाला दिन घोषित किया था बजाय किसी दुखद स्मृति दिवस के। इस दिन का उद्देश्य सुनामी के खतरों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और सभी संबंधित समुदायों को सुनामी से बचाव के उपाय अपनाने के लिए प्रेरित करना है ।

सुनामी के खतरे और जागरूकता की जरूरत

पिछले सौ वर्षों में लगभग 58 सुनामी की घटनाओं में 260,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, और इन विपत्तियों से $200 बिलियन से अधिक आर्थिक हानि हुई है। दुनिया के तटीय क्षेत्रों में जनसंख्या बढ़ने, समुद्र स्तर के बढ़ने और जलवायु परिवर्तन के कारण भविष्य में सुनामी की तबाही और बढ़ सकती है। इसलिए समय पर चेतावनी, तैयारियां और समुदाय की जागरूकता अति आवश्यक हो जाती हैं ताकि जीवन और संपत्ति की रक्षा की जा सके ।

विश्व सुनामी जागरूकता दिवस पर विभिन्न देश और संगठन सुनामी के प्रभावों, बचाव तकनीकों, एवं तत्काल प्रतिक्रिया योजनाओं पर जागरूकता कार्यक्रम, ड्रिल, सेमिनार और सोशल मीडिया अभियानों के माध्यम से लोगों को शिक्षित करते हैं। इसका मकसद है लोगों को सुनामी के चेतावनी संकेत समझना, सुरक्षित स्थानों तक तुरंत पहुंचना और पूरी तरह तैयार रहना ।

समकालीन थीम और उद्देश्य

2022 की थीम "#GetToHighGround" थी, जो लोगों को सुनामी की स्थिति में उच्च जगह पर सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए प्रोत्साहित करती है। वर्तमान में यह दिवस वैश्विक स्तर पर सुनामी पर सुरक्षा, सुनामी पहचान, जोखिम कम करने और समुदायों को अधिक लचीला (resilient) बनाने के उपायों पर ध्यान केंद्रित करता है। इसके अलावा, जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को ध्यान में रखते हुए सुनामी preparedness को बढ़ावा देने के लिए नए नवाचार और तकनीकी उपाय भी प्रस्तुत किए जाते हैं ।

निष्कर्ष

विश्व सुनामी जागरूकता दिवस एक अत्यंत आवश्यक आयोजन है जो प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले बड़े नुकसान और जान-माल की हानि को कम करने में मदद करता है। यह दिवस हमें सुनामी के प्रति सचेत रहने, समय पर कार्रवाई करने, और आपदा के लिए प्रतिरोधक बनने की सीख देता है। इस दिन विश्वभर के लोग, संस्थान, सरकारें और गैर सरकारी संगठन मिलकर सुनामी जागरूकता को फैलाने और सुरक्षित भविष्य की ओर कदम बढ़ाने का प्रयास करते हैं ।

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