वैज्ञानिकों ने अब तक के सबसे बड़े ब्लैक होल विलय के गुरुत्वाकर्षण तरंग संकेत खोजकर खगोल विज्ञान के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। यह विलय भारी मात्रा में ऊर्जा उत्सर्जित करता है और ब्रह्मांड में बड़े ब्लैक होल के गठन और विकास को समझने में मदद करता है।
ब्लैक होल ब्रह्मांड के सबसे रहस्यमय और शक्तिशाली पिंड हैं, जिनका गुरुत्वाकर्षण इतना जबरदस्त होता है कि प्रकाश भी उनसे बाहर नहीं निकल पाता। ब्लैक होल के विलय की घटनाएं ब्रह्मांड के विशाल पैमाने पर ऊर्जा के उत्सर्जन के सबसे शक्तिशाली स्रोतों में से हैं। हाल ही में वैज्ञानिकों ने अब तक का सबसे बड़ा ब्लैक होल विलय (Black Hole Merger) का संकेत प्राप्त किया है, जो गुरुत्वाकर्षण तरंगों (Gravitational Waves) के अध्ययन से संभव हुआ।
गुरुत्वाकर्षण तरंगों का महत्व
1916 में अल्बर्ट आइंस्टीन ने अपने सामान्य सापेक्षता के सिद्धांत में गुरुत्वाकर्षण तरंगों की भविष्यवाणी की थी। ये तरंगे ब्रह्मांड में जब बड़े द्रव्यमान के पिंड जैसे ब्लैक होल या न्यूट्रॉन तारे आपस में टकराते हैं तब उत्पन्न होती हैं। 2015 में LIGO (Laser Interferometer Gravitational-Wave Observatory) ने पहली बार गुरुत्वाकर्षण तरंगों का प्रत्यक्ष पता लगाया था, जो खगोल विज्ञान में क्रांतिकारी साबित हुआ।
अत्यंत बड़े ब्लैक होल विलय की खोज
इस बार की खोज में दो ब्लैक होल जिनके द्रव्यमान क्रमशः लगभग 90 और 66 सूरज के समान हैं, उनके विलय से एक 150 से अधिक सूरज के द्रव्यमान वाला ब्लैक होल बना। इस विलय से इतनी ऊर्जा निकली कि वह ब्रह्मांड के दूरस्थ भागों तक गुरुत्वाकर्षण तरंगों के रूप में पहुंँची। यह घटना वैज्ञानिकों को ब्रह्मांड के विकास, विशालकाय ब्लैक होल के गठन, और तारकीय विकास के तरीके समझने में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करती है।
महत्वपूर्ण संस्थान और उनके सदस्य
LIGO: अमेरिका आधारित LIGO observatory गुरुत्वाकर्षण तरंगों का पता लगाने वाली प्रमुख संस्था है। इसका मुख्यालय कैलिफोर्निया और वाशिंगटन में है।
VIRGO: इटली में स्थित यह एक यूरोपीय गुरुत्वाकर्षण तरंग वेधशाला है जो LIGO के साथ मिलकर काम करती है।
KAGRA: जापान का यह वेधशाला आधुनिक तकनीक के साथ गुरुत्वाकर्षण तरंग शोध में सहयोग करती है।