8वें अंतर्राष्ट्रीय पृथ्वी विज्ञान ओलंपियाड (IESO 2025), जिनिंग (चीन) में भारत ने कुल 7 पदक (1 स्वर्ण, 4 रजत, 2 कांस्य) और एक विशेष पुरस्कार (I-GYM Reporter Award) हासिल किया। भारतीय टीम ने 31 देशों के साथ प्रतिस्पर्धा में शानदार प्रदर्शन कर भारत की वैज्ञानिक शिक्षा में प्रगति को दर्शाया।
अगस्त 2025 में चीन के जिनिंग में आयोजित 18वें अंतर्राष्ट्रीय पृथ्वी विज्ञान ओलंपियाड (IESO) में भारतीय टीम ने ऐतिहासिक सफलता प्राप्त की। भारतीय टीम, जो केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (MoES) के समर्थन से भेजी गई थी, ने प्रतियोगिता में कुल 7 पदकों—1 स्वर्ण, 4 रजत और 2 कांस्य—के साथ-साथ International Geoscience Youth Movement (I-GYM) Reporter श्रेणी में तीसरा स्थान प्राप्त किया।
इस बार टीम इंडिया में चार विद्यार्थियों का चयन किया गया: लुधियाना के रेयांश गुप्ता (सत पॉल मित्तल स्कूल) ने 1 स्वर्ण, 1 रजत और I-GYM Reporter श्रेणी में तीसरा स्थान पाया; कपूरथला के चारूव्रत बैंस (MGN पब्लिक स्कूल) ने 2 रजत व 1 कांस्य; जयपुर की अपाम निधि पांडे (PM श्री K.V. No.1) ने 1 रजत और दिल्ली की प्रियंशी घंघास (MD इंद्रप्रस्थ स्कूल) ने 1 कांस्य पदक अपने नाम किए.
प्रतियोगिता में 31 देशों, जिनमें अमेरिका, जापान, जर्मनी और ऑस्ट्रेलिया शामिल थे, के छात्रों के साथ प्रतियोगिता हुई। इससे यह सिद्ध होता है कि भारत के छात्र वैश्विक मंच पर भी वैज्ञानिक अनुसंधान एवं नवाचार में पीछे नहीं हैं, विशेषकर टियर-2 और टियर-3 शहरों के विद्यार्थी भी अब वैश्विक स्तर पर पहचान बना रहे हैं।
पृथ्वी विज्ञान, जैव-प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और स्टार्ट-अप नवाचार जैसे क्षेत्रों में इस उपलब्धि का श्रेय हाल के वर्षों में भारत की नई शिक्षा नीति (NEP 2020) एवं सरकारी योजनाओं को भी जाता है, जिसने युवाओं को बहुविध क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया है। टीम के मार्गदर्शक प्रो. देवेश वालिया, प्रो. हेमा अच्युथन और ऑब्जर्वर डॉ. जगवीर सिंह थे।