COP30 यानी 2025 UN Climate Change Conference का आयोजन ब्राजील के बेलेम (Belém), अमेजन वर्षावन के हृदयस्थल, में 10–21 नवम्बर 2025 को हो रहा है। यह सम्मेलन Hangar Convention and Fair Centre of the Amazon, Belém में आयोजित है और करीब 200 देशों के प्रतिनिधि इसमें भाग ले रहे हैं। COP30 का मुख्य फोकस ‘Implementation’ (कार्यान्वयन) और ‘Just Transition’ जैसे विषयों पर है, जहाँ Paris Agreement के तहत किए गए वायदों को साकार रूप में बदलने की दिशा देखी जाएगी।
COP30 (Conference of the Parties - 30th Edition) संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन 2025 है, जो दुनिया के लगभग 198 देशों के लिए एक महत्वपूर्ण वैश्विक मंच है। इसकी मेज़बानी ब्राजील के प्रसिद्ध अमेजन क्षेत्र की राजधानी ‘बेलेम (Belém)’ द्वारा 10 से 21 नवम्बर 2025 तक की जा रही है। यहाँ सम्मेलन The Hangar Convention and Fair Centre of the Amazon में आयोजित है,
स्थान (Location): बेलेम, ब्राजील (Belém, Brazil), जो पारा राज्य में, अमेजन के बिल्कुल निकट स्थित है।
तारीख: 10–21 नवम्बर 2025
आयोजन केन्द्र: Hangar Convention and Fair Centre of the Amazon
विशेषता: पहली बार अमेजन के गुच्छ में ऐसा आयोजन, जिससे वनों की वैश्विक भूमिका और स्थानीय समुदायों की सहभागिता पर अंतरराष्ट्रीय ध्यान केंद्रित होता है।
COP30 के मुख्य उद्देश्य और थीम निम्नलिखित हैं:
मौजूदा जलवायु प्रतिबद्धताओं का क्रियान्वयन (Implementation)
COP30 का लक्ष्य पेरिस समझौते में किए गए ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन कटौती के वादों को वास्तविकता में बदलना है। इसमें सभी देशों से यह अपेक्षा की जाती है कि वे अपने जलवायु कार्यान्वयन को तेज़ करें।
प्रकृति-आधारित समाधान (Nature-Based Solutions)
अमेजन वर्षावन के महत्व को ध्यान में रखते हुए, जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए जंगलों, प्राकृतिक संसाधनों और जैव विविधता की सुरक्षा पर विशेष जोर दिया जाएगा।
जलवायु वित्त (Climate Finance)
विकासशील देशों के लिए जलवायु वित्त पोषण को बढ़ावा देना और 2030 तक वार्षिक 1,300 अरब डॉलर जुटाने का रोडमैप बनाना COP30 का अहम एजेंडा है।
अनुकूलन क्षमता बढ़ाना (Adaptation)
कमजोर समुदायों, पारिस्थितिकी तंत्र और अर्थव्यवस्थाओं को जलवायु बदलाव के प्रभावों के लिए तैयार करना। इसमें समुद्र स्तर वृद्धि, सूखा, बाढ़ आदि चुनौतीपूर्ण प्रभावों से निपटना शामिल है।
वैश्विक सहयोग और समावेशन (Global Cooperation and Inclusion)
लगभग 200 देशों, वैज्ञानिकों, व्यापार नेताओं और नागरिक समाज को मिलाकर सहयोग बढ़ाना ताकि जलवायु संकट का सामूहिक समाधान निकाला जा सके।
नवाचार और तकनीकी हस्तांतरण (Innovation and Technology Transfer)
स्वच्छ ऊर्जा, स्मार्ट तकनीक, और वैश्विक जलवायु एक्शन को समर्थन देने के लिए तकनीकी नवाचारों को बढ़ावा देना।
न्यायसंगत संक्रमण (Just Transition)
जलवायु अनुकूल नीतियों के तहत हर वर्ग के लिए न्यायसंगत और समावेशी आर्थिक बदलाव सुनिश्चित करना।
2025 महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय बैठकें और सम्मेलनों की सूची
स्थान: बेलेम, ब्राजील
तिथि: 10–21 नवम्बर 2025
उद्देश्य: जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए आध्यात्मिक कार्यान्वयन, जलवायु वित्त पोषण, प्राकृतिक संरक्षण, तकनीकी नवाचार और न्यायसंगत संक्रमण पर ध्यान केंद्रित।
थीम: Implementation, Nature-Based Solutions, Climate Finance
महत्व: पेरिस समझौते के कार्यान्वयन की पाँचवीं अन्तरराष्ट्रीय समीक्षा, अमेजन वर्षावन का संरक्षण।
स्थान: इटली
तिथि: वर्ष 2025 के दौरान (विशेष तिथि सारांशित की जाएगी)
उद्देश्य: वैश्विक आर्थिक सुधार, सतत विकास, वित्तीय स्थिरता, आर्थिक समावेशन।
थीम: बढ़ती वैश्विक चुनौतियों का सामूहिक आर्थिक समाधान।
महत्व: दुनिया के प्रमुख 20 विकासशील और विकसित देशों की वार्षिक बैठक।
स्थान: दक्षिण अफ़्रीका
तिथि: वर्ष 2025 (दसवीं वर्षगांठ समारोह)
उद्देश्य: सदस्य देशों के बीच राजनीतिक-सामाजिक-आर्थिक सहयोग को मजबूत करना।
थीम: सतत विकास एवं वैश्विक शासन सुधार।
महत्व: ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के सहयोग का शिखर।
स्थान: न्यूयॉर्क, संयुक्त राज्य
तिथि: सितम्बर 2025
उद्देश्य: अंतरराष्ट्रीय शांति, सुरक्षा, विकास, और मानवीय मुद्दों पर वैश्विक संवाद।
महत्व: सभी सदस्य देशों के नेताओं की वार्षिक सभा, वैश्विक नीतियों पर सहमति।
स्थान: दावोस, स्विट्ज़रलैंड
तिथि: जनवरी 2025
उद्देश्य: वैश्विक आर्थिक मुद्दों, तकनीकी नवाचार, बढ़ती विविधता और पर्यावरण संरक्षण पर चर्चा।
महत्व: व्यापार, सरकार, तकनीकी और नागरिक जीवन के प्रमुख नेताओं का वार्षिक सम्मेलन।
स्थान: भारत में विविध शहरों में (वार्षिक)
तिथि: सालभर
उद्देश्य: भारतीय उद्योग जगत और वैश्विक आर्थिक साझेदारी को सशक्त बनाना।
महत्व: भारत में आर्थिक विकास, उत्पादन, और नवाचार को बढ़ावा देने वाला मंच।
स्थान: नीदरलैंड्स
तिथि: वर्ष 2025 (विशेष तिथि)
उद्देश्य: जलवायु अनुकूलन के लिए वैश्विक कार्रवाई को गति देना।
महत्व: प्रारम्भिक चेतावनी प्रणाली, वित्तीय संसाधन, और प्रौद्योगिकी नवाचार पर फोकस।
स्थान: दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में रोटेशन के आधार पर
उद्देश्य: क्षेत्रीय आर्थिक, राजनीतिक और सुरक्षा सहयोग बढ़ावा।
महत्व: दक्षिण-पूर्व एशिया के 10 सदस्य देशों का वार्षिक सहयोग मंच।