International Conference on Green Hydrogen (ICGH 2025) का आयोजन 11-12 नवम्बर 2025 को भारत के ‘नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय’ (MNRE) द्वारा नई दिल्ली के भारत मंडपम में किया जा रहा है। यह सम्मेलन भारत की राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन, हाइड्रोजन तकनीक में नवाचार, वैश्विक सहयोग तथा ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है।
ग्रीन हाइड्रोजन ऊर्जा क्षेत्र में नवीनता और स्थायी विकास का अग्रदूत बन चुका है। भारत सरकार ने ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए National Green Hydrogen Mission 2023 लॉन्च किया, जिसकी प्रमुख अभिव्यक्ति International Conference on Green Hydrogen (ICGH 2025) के माध्यम से सामने आ रही है।
ICGH 2025 का प्राथमिक मकसद भारत सहित वैश्विक ऊर्जा नीति निर्धारकों, उच्च तकनीकी विशेषज्ञों, उद्योग प्रतिनिधियों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों को एक मंच पर लाना है। आयोजन का उद्देश्य ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन, तकनीकी नवाचार, अनुप्रयोग, निवेश, और वैश्विक सहयोग को गति देना है, ताकि भारत एवं विश्व हरित ऊर्जा की ओर तेजी से अग्रसर हो सके। भारत सरकार का लक्ष्य है कि ग्रीन हाइड्रोजन को ऊर्जा मिश्रण का मुख्य हिस्सा बनाकर तेल-गैस आधारित आयात में कमी लायी जाए और भीतर निर्मित, सस्ती एवं टिकाऊ ऊर्जा का इस्तेमाल बढ़े।
इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन भारत सरकार के ‘नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE)’ द्वारा किया जा रहा है। MNRE, देश में नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देने के लिए शीर्ष केंद्रीय मंत्रालय है। सम्मेलन की अध्यक्षता MNRE के वरिष्ठ अधिकारी एवं अन्य केंद्रीय मंत्री करेंगे, जिसमें विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, इस्पात मंत्रालय, पोर्ट्स, फर्टिलाइजर्स आदि के प्रतिनिधि भी हिस्सा लेंगे।
तिथि और स्थान: 11-12 नवम्बर 2025, भारत मंडपम, नई दिल्ली।
केंद्रित विषय: ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन, स्टोरेज, वितरण, अनुप्रयोगs, एवं ग्लोबल बाज़ार।
उद्घाटन सत्र में भागीदारी: केंद्रीय मंत्री, MNRE प्रमुख अधिकारी, अन्य मंत्रालयों के अधिकारी, अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि।
मुख्य सत्र: तकनीकी विशेषज्ञता, नीति, निवेश, फाइनेंसिंग मॉडल, पोर्ट रेडीनेस, सर्टिफिकेशन, स्किल डेवेलपमेंट, स्टार्टअप्स, एवं ग्लोबल कोलैबोरेशन पर फोकस।
ग्रीन हाइड्रोजन, पानी के इलेक्ट्रोलिसिस के माध्यम से प्राप्त किया जाता है, प्रक्रिया पूरी तरह से नवीकरणीय ऊर्जा (सौर/पवन) पर आधारित होती है। यह ऊर्जा के स्वच्छ, टिकाऊ व दीर्घकालिक भविष्य का प्रतीक है। इसका इस्तेमाल रिफाइनरी, उर्वरक, इस्पात, केमिकल उद्योगों सहित परिवहन व उड़ानन उद्योग में किया जा सकता है। ग्रीन हाइड्रोजन भारत के नेट ज़ीरो कार्बन इमिशन टारगेट एवं जलवायु परिवर्तन हेतु अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन बढ़ाने हेतु नीति, पूंजी निवेश एवं तकनीकी चुनौतियाँ।
इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, सप्लाई चेन, पोर्ट रेडीनेस।
वित्तीय संसाधन, अंतरराष्ट्रीय साझेदारी, सर्टिफिकेशन परमाणदंड।
कौशल विकास व स्थानीयकरण (localisation)।
अनुसंधान व नवाचार तथा स्टार्टअप्स को बढ़ावा देना।
वैश्विक बाज़ार तक पहुँच व निर्यात संभावनाएँ।
जलवायु, समाज व अर्थव्यवस्था पर संभावित प्रभाव।
ICGH 2025 का आयोजन "नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE)" करेगा।
सम्मेलन का स्थल: भारत मंडपम, नई दिल्ली।
तारीख़: 11-12 नवम्बर 2025।
मुख्य उद्देश्य: ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन, नवाचार, उपयोग और वैश्विक सहयोग।
भारत सरकार की पहल: National Green Hydrogen Mission।
हाइड्रोजन का उद्योग, आर्थिक व रणनीतिक दृष्टि से महत्व।